Diwali Laxmi Pooja mantra sadhana

DIWALI LAXMI POOJA MANTRA SADHANA

इस दिवाली को कैसे विशेष बनाया जाये? इसका जवाब आज आपको इसके माध्यम से मिलेगा। आज हम आपको दिवाली लक्ष्मी पूजा मंत्र साधना बता रहे है। जिसमे आप दिवाली की रात्रि को यह साधना कर सकते है। धन धान्य से संपन्न होने के लिए जातक को लक्ष्मी जी के मंत्रो का जप करके, पूजन को संपन्न करना चाहिए ।

पूजा के लिए सबसे माता लक्ष्मी के चित्र के साथ साथ हमें श्री यंत्र की आवश्यकता पड़ेगी । जिसे हम सिद्ध करके अपनी तिजोरी ,दुकान ,या पूजा स्थान पर रखेंगे । यह श्री यंत्र किसी भी धातु (तांबा,स्फटिक ,पारद, भोजपत्र,आदि) का हो सकता है । परन्तु स्फटिक का श्री यंत्र सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसका एक मुख्य कारण है कि स्फटिक माता लक्ष्मी का स्वरुप माना जाता है और इसमें सकारात्मक उर्जा प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।

साधको को बताना चाहेंगे की मार्केट में असली स्फटिक श्री यन्त्र मिलना लगभग असंभव सा लगता है,क्योंकि आजकल चाइनीज क्रिस्टल चमकदार कांच के ढेर मिलते है । साधक जानकारी के आभाव से नकली खरीद लाते है फिर उनको उचित लाभ नहीं मिल पाता है । इसी प्रकार हमें स्फटिक माला का भी ध्यान रखना आवश्यक है ।

आवश्यक सामग्री :

  • श्री यन्त्र एवं भगवती लक्ष्मी का विग्रह
  • स्फटिक माला या कमलगट्टे की माला
  • पंचोपचार पूजन सामग्री
  • तांबे का कलश
  • पंचामृत
  • लाल कपड़ा
  • श्रृंगार का सामान (हल्दी ,कुमकुम, चुनर एवं मेहन्दी )
  • हकिक पत्थर

विधि:-

उपरोक्त सभी सामग्री के साथ आप उत्तर या पूर्व में मुह करके आसन पर बेठ जाये । सबसे पहेले आप बजोट पर स्फटिक श्री यंत्र को स्थापित करें । तत्पश्चात किसी पात्र में पाच हकिक पत्थर को रखकर उस पर स्फटिक श्री यंत्र स्थापित रखे और “श्री महालक्ष्मये नमः” का उच्चारण करते हुए गंगाजल से स्नान कराये ,फिर पंचामृत से स्नान करवाए पुनः गंगाजल से शुद्ध स्नान करवाए।

यह कार्य संपन्न होने के बाद बजोट पर हकिक रखकर उस पर स्फटिक श्री यंत्र स्थापित करे। अब श्री गणेश,श्री गुरु आदि देवता के साथ यंत्र की पंचोपचार पूजन संपन्न करें । साथ ही माता भगवती लक्ष्मी का ध्यान करते हुए श्रृंगार अर्पित करे। अब हम माता लक्ष्मी के स्वरुप का ध्यान करते हुए संकल्प लेकर यथा संभव निम्न मंत्र का जप करेंगे :-

मंत्र :

।। ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्री ह्रीं श्री ॐ महालक्ष्म्यै नम:।।

कुबेर देवता का ध्यान करते हुए निम्न मंत्र की यथा संभव जप करें :-

मंत्र

।। ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रणवाय धनधान्यादिपतये धनधान्यसमृद्धि में देहि देहि दापय दापय स्वाहा ।।

ग्रंथो के अनुशार माता भगवती लक्ष्मी की उपासना, और शुक्र की उपासना अधिक लाभदायक रहती है। मान्यता अनुसार स्फटिक श्री यंत्र में शुक्र का और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद होता है ।

मंत्र

।। ऊँ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नम: ।।

सभी मंत्रो के जप के बाद रात्रि में उसी स्थान पर सो जाये। सुबह नहाकर यंत्र और हकिक को तिजोरी में स्थापित करदे। धनदात्री माता भगवती लक्ष्मी सभी प्रकार के एश्वर्य वैभव को देगी ।

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